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पंजाब में जारी होंगे QR कोड वाले राशन कार्ड, PDS की कमियां दूर करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 02, 2026 06:41 am IST,  Updated : Apr 02, 2026 06:41 am IST

पंजाब के 1.5 करोड़ लाभार्थियों को क्यूआर कोड वाले राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था के जरिए सरकार पीडीएस सिस्टम में व्याप्त कमियां दूर करना चाहता है।

Ration card- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PTI

पंजाब सरकार ने पीडीएस सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए क्यूआर कोड वाले राशन कार्ड का वितरण शुरू कर दिया है। पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को राशन जारी करने में देरी हो रही थी। पंजाब में कुल 1.5 करोड़ लोगों इस व्यवस्था का लाभ उठाते हैं। राज्य में कुल 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% कवरेज हासिल करना है। मई के महीने से ही गेहूं वितरण का चक्र शुरू होता है।

सरकार के इस फैसले से उन लाभार्थियों को राहत मिल सकती है, जिनकी अंगुलियों के निशान धुंधले पड़ गए हैं, अंगूठे के निशान घिस गए हैं या ऐसे परिवार जो बार-बार ई-केवाईसी में फेल हो रहे हैं और ऐसे घर जहां बायोमेट्रिक बेमेल होने के कारण राशन वितरण में देरी हो रही है।

पहले ही छप गए 10 लाख कार्ड

लाभार्थियों को अब केवल क्यूआर-आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड ले जाना होगी। अब राशन डिपो पर आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण ले जाने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक आधारित सुधारों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। अधिकारियों के अनुसार राज्य स्तर पर इस योजना के लागू होने से सभी लाभार्थी परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्यूआर आधारित पहले 10 लाख प्लास्टिक कार्ड पहले ही छप चुके हैं और इन्हें चरणबद्ध तरीके से डिपो को आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शेष स्टॉक की आपूर्ति जिलावार जारी रहेगी। हालांकि 80% वितरण का लक्ष्य अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है, शेष 20% अनाज वितरण प्रक्रिया के साथ-साथ सौंपा जाता रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी परिवार इससे वंचित न रह जाए।

दूसरे डिपो पर भी आसानी से मिलेगा राशन

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था को पारदर्शिता लाने और एक बेहतर सत्यापन तंत्र के माध्यम से लाभार्थियों को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, “लाभार्थियों को क्यूआर आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड मिलने के बाद, उन्हें डिपो में कोई अन्य दस्तावेज नहीं ले जाना पड़ेगा। यदि कोई लाभार्थी मूल रूप से आवंटित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो पर पहुंचता है, तो भी कार्ड दिखाकर वहां से गेहूं ले सकता है। क्यूआर कोड वाली व्यवस्था के कारण इस सुविधा का लाभ भी लिया जा सकता है।” पोर्टेबिलिटी की यह सुविधा व्यापक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) ढांचे को दर्शाती है, जिसे पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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